Hindi Kahaniya - जन्मदिन की दावत !! Blog by Manu || #hindify.xyz - Hindi Kahani - मनु की कहानियां !!

Breaking

इस ब्लॉग में Hindi Kahani, Hindi Kahaniya, Hindi kahani lekhan, Short Stories for kids और आपके मनोरंजन के लिए लिखी गई विभिन्न प्रकार की काल्पनिक कहानियां शामिल हैं...

Categories

रविवार, 7 जून 2020

Hindi Kahaniya - जन्मदिन की दावत !! Blog by Manu || #hindify.xyz



मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टियां ली थी, मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत था।

रोज सुबह उठना, भारी मन से तैयार होना, ऑफिस जाकर वही लंबित कार्य करना, 

अपने बॉस की रोजना फट्कार सुनना , मैं इन सब से ऊब  गया था और सबसे ज़्यादा बुरा तब  लगता था,

जब मुझे किसी शादी में जाने का निमंत्रण  मिलता और मेरा बॉस मुझे कहता कि छुट्टी तो नहीं मिल सकती,

काम बहोत है ऑफिस में। मुझे भी सभी कार्यक्रमों में भाग लेना था। खूब आनंद लेना था।

बस यही सोच कर छुट्टियां ली थी, परन्तु  8-10 दिन बीत जाने के बाद भी, कोई निमंत्रण आ ही नही रहा था।


मानो तभी भगवान ने मेरी सुन ली। मेरे मामा जी के यहां पौत्र हुआ और

उन्होंने समारोह आयोजित किया, जिसका निमंत्रण हमे भी आया।

जैसे मेरी बरसों की मन्नत पूरी हो गई थी। सभी परिवार वालो ने जाने  की तयैरियां शुरू कर दी। 

किस-किस के लिए क्या उपहार लेना है, कौन-कौन वहां मिलेगा और भी बहुत कुछ चल रहा था,

लेकिन मेरा पुरा ध्यान तो उत्सव में मिलने वाले स्वादिष्ट खाने पर था।



अब वो दिन भी आ ही गया, जब हम सब चल दिए अपने मामाजी के घर।

वहां पहुँचते ही, सभी व्यसत हो गए गले मिलने में, एक-दूसरे से बातें करने में।

मेरा ध्यान बस वहां क्या-क्या बना है, इस ओर था। कई तरह के पकवान बने हुए थे,

चाट की खुश्बू से सारा वातावरण महक रहा था। मुझे दूर से ही गोल-गप्पो ने जैसे अवाज देकर अपने पास बुला लिया।

मैंने बिना समय गवाएं कहा, "भाई जरा गोल-गप्पे तो खिलाओ", उसने गोल-गप्पे मे आलू, छोले भरे और सौंठ डालकर पानी भरा,

जैसे ही मैंने गोल-गप्पे को मुह में डाला, जैसे आनंद ही आ गया। अत्यंत स्वादिष्ट, जैसे सुकून मिला हो.... 

6 या 7 गोल-गप्पे खाये होंगे, तभी मुझे  टिक्की की भीनी-भीनी खुश्बू आई और मैं उस ओर खिंचा चला गया।

एक दम करारी, गरमा-गरम टिक्की खाने का मन  हो उठा। मैंने उसी समय  कहा, "भाई एक प्लेट लगा दो जरा "।

 टिक्की के स्वाद का जवाब नही था। आलू के अंदर चने की दाल भरी गई थी

और सौंठ, दही और हरि चटनी ने उसका स्वाद और बढ़ा दिया था।



अब मुझे और भी कुछ खाने का मन हो उठा था। मैंने अब भल्ले-पापड़ी  खाई, फ़िर चीला खाया।


मुझे समय का ध्यान ही नही रहा। कल कार्यालय नहीं जाना था,

इस बात ने खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा दिया था। अब तक मेरा पेट भी काफी भर गया था।

सोचा थोड़ा बच्चों के साथ समय  बिताया जाये और उसके बाद  मुख्य भोजन खाया जाय।

परंतु , शायद ऐसा ना होना था और ना हो पाया।

मामा जी ने अवाज लगाई "अरे भाई मनु, खाना खा लो, बहुत देर हो गई है।

नहीं तो सब उठा लिया जायगा"। 

अब मुझे समझ आया की मैंने चाट वाले काउंटर पर कुछ ज़्यादा ही देर लगा दी थी। समय काफी हो गया था।

अब तो जल्दी से खाना भी खा लिया जाय, हालांकि मेरा पेट भरा हुआ था,

तब भी अपनी सन्तुष्टि  के लिये तो खाना ही था। कहीं कोई ये न कह दे, की तुमने शाही पनीर तो खाया ही नही।

क्या मैं यही सुनने इतना दूर आया था। बस यही सोचते हुए, मैंने खाने की थाली हाथ में ली और चल दिया खाने की तरफ।

मैंने थोड़ा-थोड़ा सब अपनी प्लेट में रखा। नवरतन कोरमा, कोफ्ता, पालक पनीर, शाही पनीर, सभी कुछ।

Hindi Kahaniya - जन्मदिन की दावत !! Blog by Manu || #hindify.xyz
दावत 

फ़िर मुझे लगा, मीठा तो रह ही गया और अगर मीठा नही खाया तो क्या खाया।

तब तक गुलाब-जामुन का काउंटर बंद होने लगा था।

मैं दौड़ कर वहां गया और कहा  "भाई साहब, 2 गुलाब जामुन देना।"

उसने मुझे बड़े ही गुस्से से देखा और कहा, "सब खत्म हो गए हैं। आपको पहले आना था।" 

मुझे  मानो हजार वाट का झटका लगा। ये नहीं हो सकता। मैंने मासूम सा चेहरा बनाते हुए कहा,

"भाई साहब, बस 2 गुलाब जामुन का इंतेज़ाम  कर दीजिये कृप्या करके।"

शायद उसे मुझ पर दया आ गई और उसने मुझे  2 गुलाब जामुन दे दिए।

मन अत्यंत  प्रसन्न  था। चलो अब ठीक  है।

रात के करीब 3 बजे तक हम सब इकट्ठे  होकर बातें  करते रहे। खाने की जमकर तरीफ हुई।

मुझे संतुष्टि थी, की मैंने पूरा आनंद लिया खाने का। अब तक सुबह के 4 बज गए थे। हम सब सोने चले गये।

सुबह देर से उठे और बहुत स्वादिष्ट नाश्ते के साथ दिन शुरू हुआ

जिसमे  जलेबी, पराठे और आलू की सब्जी शामिल थी।

नाश्ता करने के बाद हमने विदा ली और अपने घर की तरफ बढ़ चले। एक अच्छा स्वादिष्ट सफर पुरा हुआ।





इसी ब्लॉग hindify.xyz पे अन्य कहानियां पढ़ने हेतु इधर क्लिक करे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया Comment बॉक्स में किसी भी प्रकार के स्पैम लिंक दर्ज न करें।